सुबह की पहली किरणें कमरे में छनकर आ रही थीं, और हर्षद व शिवांगी दोनों नंगे लेटे हुए गहरी नींद में थे। उनकी नंगी बॉडीज एक-दूसरे से सटी हुई थीं, हर्षद का मोटा लंड शिवांगी की जांघों के बीच दबा हुआ था। शिवांगी की आंखें धीरे-धीरे खुलीं। आज उसका बर्थडे था, और वो हर्षद के प्यार से भरी हुई महसूस कर रही थी। वो मुस्कुराई और हर्षद के सीने पर हाथ फेरते हुए बोली, 'बेबी, प्लीज मुझसे प्यार करो... आज मेरा बर्थडे है।'
हर्षद अभी भी आधी नींद में था, लेकिन शिवांगी की आवाज ने उसे जगा दिया। वो आंखें बंद रखे हुए ही मुस्कुराया और बिना कुछ कहे, अपना हाथ नीचे ले गया। शिवांगी की टांगें फैला दीं, और उसका लंड, जो पहले से ही सेमी-हार्ड था, सीधे उसकी गीली चूत में सरक गया। 'उम्म...' शिवांगी की सिसकी निकली जब लंड अंदर घुसा। वो पहले से ही उत्तेजित थी, उसकी चूत रस से भीगी हुई थी।















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