राजेश ने दुर्गा को आवाज दी, 'अरे मेरी प्यारी बीवी, आज अच्छे से तैयार हो जाओ। हम लोग मुखिया जी की पार्टी में जा रहे हैं। ऐसे कपड़े पहन लो कि तुझे देखकर मेरा लंड नियंत्रण में न रहे।' दुर्गा ने सिर झुकाया और तैयार होने लगी। उसने एक पतली सफेद साड़ी चुनी, जो उसके गोरे शरीर पर चिपककर लिपट गई। ब्लाउज उसके भरे-भरे स्तनों को कसकर जकड़ रहा था, और साड़ी की फोल्ड्स उसके नाभि के नीचे से शुरू होकर कूल्हों की लचक को उभार रही थीं। पेटीकोट इतना टाइट था कि उसकी गांड की गोलाई साफ झलक रही थी। दुर्गा ने आईना में खुद को देखा, उसके गाल लाल हो गए, लेकिन वह जानती थी कि राजेश को यह पसंद आएगा।




















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