हर्षद ने तेजी से शिवांगी का हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए लेडीज टॉयलेट के अंदर ले गया। वहां एक महिला गार्ड पहले से खड़ी थी, जिसने जैसे ही दोनों को देखा, उसकी आंखें फट गईं। उसने तूरंत पहचान लिया कि ये दोनों कौन हैं।
लेकिन हर्षद ने बिना वक्त गवाये अपनी जेब से 5000 रुपये निकाले और गार्ड की हथेली पर रख दिये। "हमें थोड़ी देर के लिए अकेला रहने दो, आज शिवांगी मैम का जन्मदिन है।" हर्षद ने धीमी लेकिन सही आवाज़ में कहा, "और बाहर 'डोंट डिस्टर्ब' का बोर्ड लगा दो ताकि कोई अंदर ना आए।"




















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